नए रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा के बाद अमेरिकी एसेट्स सबसे बड़े लूजर बनकर उभरे। इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में 3.3% से अधिक की गिरावट आई, और डॉलर का गेज गिर गया। सबसे ज्यादा नुकसान उन कंपनियों को हुआ है, जिनकी सप्लाई चेन विदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर सबसे ज्यादा निर्भर हैं। जैसे कि एप्पल